Ambrish Kumar

Ambrish Kumar Poems

माँ बाप ने जो कहा वो मैंने किया
परिवारीजनों ने जो कहा वो मैने किया
अपनों ने जो कहा वो मैने किया
पर कभी सोचता हूँ, मैने क्या किया
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वोट देकर जिनको जिताया ।
कर भरोसा जिनको संसद पहुचाया।।
आज उनको सामने आइना रखते है ।
क्युकी आज कुछ तूफानी करते ।।
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माँ तुमने ये क्या कर दिया ।
गौद में ही मौत की नींद सुला दिया ।।

माँ तुम तो पतित पावनी थी ।
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संकल्प ही विकल्प है
प्राण वायु अल्प है
बीत रहा कल्प है
सोच क्या विकल्प है
...

तुम्हारे साथ धीरे धीरे चलने लगा हूँ मै
तुम मानो या न मानो अब बदलने लगा हूँ मै

मै तुम्हारी, माँ से बराबरी नहीं कर रहा
...

The Best Poem Of Ambrish Kumar

मैंने क्या किया

माँ बाप ने जो कहा वो मैंने किया
परिवारीजनों ने जो कहा वो मैने किया
अपनों ने जो कहा वो मैने किया
पर कभी सोचता हूँ, मैने क्या किया
दोस्तों ने जो कहा, वो मैंने किया
शिक्षको ने जो कहा वो मैने किया
बुजुर्गो ने जो कहा वो मैने किया
पर सवाल अब भी वही है, मैंने क्या किया
सरकार ने जो कहा मैंने वो किया
अधिकारी ने जो कहा वो मैंने किया
कानून ने जो कहा मैंने वो कहा
पर तुम्ही बताओ, मैंने क्या किया

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